Apj abdul kalam in hindi essay. Abdul Kalam Essay in Hindi 2022-10-27

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अपजी अब्दुल कलाम एक प्रख्यात वैज्ञानिक और राष्ट्रपति थे। वे भारत के एक महान अभियानकार और प्रौद्योगिकी विकास की आवश्यकताओं का समर्पण करने वाले एक अहम नेता थे।

अब्दुल कलाम जन्म तकरीबन तीन साल पहले भारत से पाकिस्तान में हुआ था। वे एक छोटे से गांव में जन्मे थे और अपने जीवन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा उनके गांव में हुआ। अब्दुल कलाम की परिवार बहुत मजबूत और संवेदनशील थी, जो उन्हें स्वयं में एक विश्वसनीय व्यक्ति बनाने में मदद की।

अब्दुल कलाम अपने जीवन में बहुत से महत्वपूर्ण योगदान दिए ह

हिंदी निबंध : एपीजे अब्दुल कलाम एक प्रेरक व्यक्तित्व

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अब्दुल कलाम जी की व्यक्तिगत जिंदगी सदा हसतमुख रहनेवाले कलाम जी व्यक्तिगत तौर पर एक अनुशासनप्रिय व्यक्ति थे। वे जीवनभर शाकाहारी थे। ऐसा कहा जाता हैं की वे कुरान और भगवत गीत इन दोन धर्मग्रंथों का अध्ययन करते थे। तिरुक्कुरल का अनुसरण करने का उल्लेख कलाम जी ने APJ Abdul Kalam Essay in Hindi कई स्थानों पर किया हैं। तिरुक्कुरल जो एक जो तमिल भाषा में लिखित एक महान नीतिशास्त्र की रचना हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत अपनी भूमिका बदलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाये ऐसी राजनैतिक चाहत वे रखते थे। उनकी सबसे जादा लोकप्रियता युवा और बच्चों में थी। उनका आचरण सभी लोगों के साथ बड़ा स्नेहपूर्वक रहता चाहे वो इंसान कोई भी हो। एपीजे अब्दुल कलाम की मृत्यु कब हुई Death of APJ Abdul kalam भारत देश के महान राष्ट्रपति तथा वैज्ञानिक डॉ एपीजे अब्दुल कलाम का निधन उस समय हुआ था जब वे 27 जुलाई 2015 की शाम भारतीय प्रबंधन संस्थान शिलांग में योग्य ग्रह पर भाषण दे रहे थे। उनके भाषण देने के दौरान ही उन्हें अचानक दिल का दौरा कार्डियक अटैक हो गया. जे अब्दुल कलाम। Students in school, are often asked to write Long essay on APJ Abdul Kalam in Hindi. Helped in the manufacture of Agni and Prithvi missiles, due to which Abdul Kalam is known as Missile Man. APJ Abdul Kalam Essay in Hindi द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान एपीजे अब्दुल कलाम लगभग 8 वर्ष के बच्चे थे। वह युद्ध की जटिलता को नहीं समझ सकते थे। लेकिन उस दौरान बाजार में अचानक इमली के बीज की मांग बढ़ने लगी। और उस अचानक मांग के लिए, कलाम बाजार में इमली के बीज बेचकर अपनी पहली मजदूरी अर्जित करने में सक्षम हुए। उन्होंने अपनी आत्मकथा में उल्लेख किया है कि वह इमली के बीज एकत्र करते थे और उन्हें अपने घर के पास एक प्रावधान की दुकान में बेचते थे। Also Read: युद्ध के दिनों के दौरान उनके बहनोई जल्लालुद्दीन ने उन्हें युद्ध की कहानियों के बारे में बताया। बाद में कलाम को दिनामनी नामक अखबार में युद्ध की उन घटनाओं का पता चला। अपने बचपन के दिनों में, एपीजे अब्दुल कलाम ने अपने चचेरे भाई समसुद्दीन के साथ समाचार पत्र बाटने का काम भी किए। एपीजे अब्दुल कलाम बचपन से ही एक प्रतिभाशाली बच्चे थे। उन्होंने शवार्ट्ज हायर सेकेंड्री स्कूल, रामनाथपुरम से हाई स्कूल पास किया और मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में दाख़िला लिया। और वहाँ से उन्होंने अपनी विज्ञान में ग्रेजुएशन कि डिग्री प्राप्त की। और 1958 में वह DRDO में काम करने लगे। बाद में वह ISRO में चले गए। जहाँ वह SLV3 प्रोजेक्ट के मुख्य प्रशिक्षक बन गए। यह उल्लेख करने के लिए उपयुक्त है कि अग्नि, आकाश, त्रिशूल, पृथ्वी आदि मिसाइलें उस परियोजना का हिस्सा थी। Also Read: एपीजे अब्दुल कलाम को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। उन्हें 2011 में IEEE Honorary सदस्यता से सम्मानित किया गया। 2010 में वाटरलू विश्वविद्यालय ने उन्हें डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की। सिवाय इसके एपीजे कलाम को 2009 में यूएसए के एएसएमई फाउंडेशन से हूवर मेडल भी मिला, कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, यूएसए से उन्हें 2009 में इंटरनेशनल वॉन कॉरमैन विंग्स अवार्ड मिला और, नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, सिंगापुर से उन्हें डॉक्टर ऑफ इंजीनियरिंग 2008 में सम्मानित किया गया, किंग चार्ल्स 2 मेडल, यूके 2007 में और इसके इलावा और भी बहुत कुछ। उन्हें भारत सरकार द्वारा द भारतरत्न, पदम् विभूषण, पदम् भूषण से भी सम्मानित किया गया है। एपीजे अब्दुल कलाम का यह लेख अधूरा रहेगा यदि मैं देश के युवाओं के प्रति उनके योगदान का उल्लेख नहीं करता। डॉ। कलाम ने हमेशा देश के युवाओं को देश के विकास के लिए काम करने के लिए प्रेरित करके उनके जिवन को सफल बनाने का प्रयास किया। अपने जीवनकाल के दौरान डॉ कलाम ने कई शिक्षण संस्थानों का दौरा किया और छात्रों के बीच अपना बहुमूल्य समय दिया। Also Read: दुर्भाग्य से, एपीजे अब्दुल कलाम का निधन 27 जुलाई 2015 को कार्डियक अरेस्ट के कारण हो गया। एपीजे अब्दुल कलाम की मृत्यु को हमेशा भारतीयों के लिए सबसे दुखद क्षणों में से एक माना जाएगा। वास्तव में, एपीजे अब्दुल कलाम का निधन भारत के लिए बहुत बड़ी क्षति थी। अगर आज एपीजे अब्दुल कलाम होते तो भारत और तेजी से विकसित होता। Thanks for Reading: Dr. कलाम का जीवन सिर्फ वैज्ञानिक प्रयोगों एवं राजनीति तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक जीवन को उच्च स्तर पर लाने के लिए भी वह समर्पित रहे। यही कारण है कि उन्हें अपार लोकप्रियता मिली। डॉ.

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ए.पी.जे. अब्दुल कलाम पर 10+ निबंध

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जे अब्दुल कलाम पर निबंध शेयर कर रहे है। इस निबंध में डॉ. We help the students to do their homework in an effective way. मेरा प्रिय नेता एपीजे अब्दुल कलाम पर निबंध APJ Abdul Kalam Essay in Hindi - एपीजे अब्दुल कलाम का नाम पूरी दुनिया में मशहूर है। उनकी गिनती 21वीं सदी के सबसे प्रसिद्ध वैज्ञानिकों में से एक के रूप में की जाती है। कलाम निरंतर देश की सेवा में लगे रहे और देश के 11वें राष्ट्रपति बने, अपने कार्यकाल में समाज को लाभ पहुंचाने वाली कई पहलों की शुरुआत की। मेरा प्रिय नेता विषय पर अक्सर परीक्षा में निबंध का प्रश्न पूछा जाता है। एपीजे अब्दुल कलाम इस विषय पर निबंध लिखने के लिए एकदम उपयुक्त व्यक्ति हैं। एपीजे अब्दुल कलाम पर निबंध के जरिए हमने आपकी समस्या हल करने का प्रयास किया है। एपीजे अब्दुल कलाम के इस लेख Dr APJ Abdul Kalam par nibandh से न केवल परीक्षा के लिए महान नेता और व्यक्तित्व पर निबंध तैयार करने में मदद मिलेगी बल्कि उनके जीवन को भी बेहतर ढंग से जान सकेंगे। एपीजे अब्दुल कलाम पर निबंध APJ Abdul Kalam Essay in Hindi तैयार करने के लिए कलाम जी के जीवन की जानकारी देने वाले essay apj abdul kalam biography in hindi इस लेख को पढ़ें। एपीजे अब्दुल कलाम निबंध apj abdul kalam nibandh भारत के महान वैज्ञानिक एपीजे अब्दुल कलाम पर निबंध apj abdul kalam nibandh लिखने के लिए उनके जीवन के अहम पहलुओं की जानकारी जुटाने की जरूरत होगी। कलाम का गणित के प्रति गहरा लगाव था। उन्होंने मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में भौतिकी और वैमानिकी इंजीनियरिंग का अध्ययन किया। एपीजे अब्दुल कलाम वर्ष 2002 में भारत के 11वें राष्ट्रपति चुने गए। नई सहस्त्राब्दी से जुड़ी अपनी अवधारणा को उन्होंने अपनी पुस्तक "इंडिया 2020: ए विजन ऑफ द न्यू मिलेनियम" के जरिए सामने रखा। इस पुस्तक ने "टेक्नोलॉजी विजन 2020" से अवगत कराया। भविष्य में टेक्नोलॉजी की भूमिका के संबंध में इस अवधारणा को उन्होंने 1990 के दशक के मध्य में तैयार किया था। कलाम ने भारत की तकनीकी उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने टेक्नोलॉजी विजन 2020 राष्ट्रीय रणनीति पेश की। अपनी रणनीति में परमाणु ऊर्जा का विस्तार, प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने और कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने का प्रस्ताव रखा। पूरे देश को बेहतर बनाने के उनके प्रयासों के कारण वे "पीपुल्स प्रेसिडेंट" के नाम से लोकप्रिय हुए। जीवन संघर्ष- एपीजे अब्दुल कलाम पर हिंदी में निबंध abdul kalam essay in hindi एपीजे अब्दुल कलाम के जन्म के समय उनके परिवार के लिए परिस्थितियां बेहद प्रतिकूल थी, लेकिन अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करके उन्होंने इसे बाधा को पार किया। स्कूल के दिनों में वे अखबार बेचकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर करने में मदद किया करते थे। औसत शैक्षणिक प्रदर्शन के बावजूद प्रतिबद्धता के साथ पढ़ाई करने के कारण कलाम को प्रोफेसरों से बेहद तारीफ मिलती रही। कलाम का देश के लिए योगदान एपीजे अब्दुल कलाम ने देश को तकनीक और सामरिक क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जो योगदान दिया उसे देश कभी भुला नहीं पाएगा। अग्नि और पृथ्वी मिसाइलों का विकास करना, उनसे मिली सबसे बड़ी भेंटों में से एक हैं। मिसाइल कार्यक्रम में उनकी सक्रिय भूमिका के कारण, एपीजे अब्दुल कलाम को भारत का मिसाइल मैन कहा जाता है। एपीजे अब्दुल कलाम रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन DRDO , और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ISRO दोनों में शीर्ष शोधकर्ता के रूप में में सेवा दे चुके हैं। अपने जीवनकाल में कलाम को कई विश्वस्तरीय पब्लिकेशन कार्यों का श्रेय जाता है, लेकिन इंडिया 2020 को उनके सबसे प्रसिद्ध योगदानों में से एक माना जाता है। इंडिया 2020 पुस्तक भारत को एक शक्तिशाली देश बनाने बनाने की कार्य योजना पर केंद्रित है। वह एक शानदार वैज्ञानिक और पथप्रदर्शक इंजीनियर थे जिनका पूरा जीवन देश सेवा को समर्पित रहा। भारत को महाशक्ति बनाने की उनकी महत्वाकांक्षा थी। इसके लिए वे देश के विद्यार्थियों की भूमिका को प्रमुखता से स्वीकार करते थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के बच्चे इसके सबसे बड़े संसाधन हैं, इसलिए उन्हें प्रोत्साहित और प्रेरित किया जाना चाहिए। एपीजे अब्दुल कलाम पर 500 शब्दों का निबंध 500 Words Essay On APJ Abdul Kalam एपीजे अब्दुल कलाम वैश्विक ख्याति के व्यक्ति थे; एक वैज्ञानिक और राष्ट्रपति दोनों के रूप में उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के कारण भारत के लोग हमेशा एपीजे अब्दुल कलाम के नाम की मिसालें देते नहीं थकते। उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो की परियोजनाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कलाम ने अग्नि और पृथ्वी मिसाइलों के निर्माण में अहम भूमिका निभाई। भारत में परमाणु शक्ति के साथ उनकी भूमिका के कारण उन्हें "भारत का मिसाइल मैन" की संज्ञा दी जाती है। वर्ष 1997 में उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए भारत सरकार ने उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया। कलाम का बचपन- एपीजे अब्दुल कलाम पर लेख essay apj abdul kalam biography in hindi अवुल पकिर जैनुअलब्दीन अब्दुल कलाम, जिन्हें एपीजे अब्दुल कलाम के नाम से जाना जाता है, का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को एक तमिल मुस्लिम परिवार में हुआ था। मां आशियम्मा और पिता जैनुअलब्दीन की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी। कलाम का बचपन काफी कठिनाइयों में गुजरा क्योंकि उनके पिता का बिजनेस असफल हो चुका था और जीविकोपार्जन के लिए परिवार के पास कोई अन्य साधन नहीं था। बचपन से ही कलाम को मुश्किलों से दो-चार होना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और कड़ी मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ेत रहे। स्कूल के दिनों से ही उन्होंने अपने परिवार की मदद करने के लिए अखबार बेचना शुरू कर दिया। उनके औसत शैक्षणिक प्रदर्शन के बावजूद, उनके प्रोफेसरों ने उनकी सीखने की लगन, कड़ी मेहनत की प्रशंसा की। कलाम की शिक्षा - डॉ. अब्दुल कलाम जी का वैज्ञानिक जीवन रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन DRDO में अपने करियर की शुरुवात उन्होंने वरिष्ठ वैज्ञानिक सहायक के रूप में की। उनके करियर के शुरुवाती दिनों में उन्होंने उनके वरिष्ट अधिकारी आर. अब्दुल कलाम भारत के 11वें राष्ट्रपति और मिसाइल मैन के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने भारत को बहुत कुछ दिया है। इनका जीवन युवाओं के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है। डॉ. Essay on APJ Abdul Kalam in Hindi - APJ Abdul Kalam par nibandh Hindi mein भूमिका: डॉ० ए.

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एपीजे अब्दुल कलाम पर 10 पंक्तियाँ/10 Lines on APJ Abdul Kalam in Hindi

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जे अब्दुल कलाम का करियर: 1958 में उन्होंने डी. APJ Abdul Kalam, the 11th President of India, died on 27 July 2015 due to cardiac arrest. एपीजे अब्दुल कलाम को दुनिया भर में लाखों लोगों के लिए एक दूरदर्शी और एक रोल मॉडल के रूप में याद किया जाता है, और उनकी विरासत उनके द्वारा स्थापित और समर्थित कई पहलों के माध्यम से जीवित है। वह उन सभी के लिए प्रेरणा हैं जो दुनिया में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए ज्ञान और शिक्षा की शक्ति में विश्वास करते हैं।. अब्दुल कलम को भारत रत्न से सम्मानित किया गया है। ए पी जे अब्दुल कलाम का जन्म ए पी जे अब्दुल कलाम का जन्म मुस्लिम परिवार में हुआ था। 15 अक्टूबर 1931 में धनुष्कोड़ी गांव जो कि रामेश्वरम तमिलनाडु में स्थित है वहां पर ए पी जे अब्दुल कलाम का जन्म हुआ। इनके पिता का नाम जैनुलाब्दीन था, जो ज्यादा पढ़े लिखे नहीं थे ना ही पैसे वाले थे। ए पी जे अब्दुल कलाम के पिता जी एक मछुआरे को नाव किराए पर दिया करते थे। अब्दुल कलाम एक संयुक्त परिवार मे जन्मे थे, परिवार की सदस्य संख्या का अनुमान लगाया जा सकता है कि वह कुल पांच भाई और पांच बहन थे। घर में 3 परिवार और भी थे, अब्दुल कलाम का जीवन उनके पिताजी के कारण बहुत प्रभावित हुआ। इनके पिताजी भले ही पढ़े-लिखे नहीं थे, परंतु उनकी लगन और उनके द्वारा दिए गए संस्कार अब्दुल कलाम के बहुत काम आए थे। ए पी जे अब्दुल कलाम को 5 वर्ष की उम्र में रामेश्वरम के पंचायत द्वारा प्राथमिक विद्यालय की तरफ से दीक्षा पुरस्कार दिया गया था। ए पी जे अब्दुल कलाम कहां करते हैं कि उनकी एक पिक्चर ने जिसका नाम इयादुराई सोलोमन है, उसमे कहा था कि यदि सफलता और अनुकूल परिणाम प्राप्त करना है तो मन में इच्छा, आस्था और उन्हें पाने की शक्ति, प्रबल इच्छा होनी चाहिए। जब इनके अध्यापक द्वारा इन्हें पक्षियों के उड़ने के बारे में बता रहे थे, तब किसी भी विद्यार्थी को उनकी बात समझ में नहीं आई। फिर उन्होंने तालाब के किनारे ले जाकर उड़ते हुए पंछीओ का उदाहरण देते हुए समझाया था। तब कलाम ने विचार कर लिया था कि वह विमान विज्ञान के क्षेत्र में जाएंगे। उन्होंने गणित के अध्यापक से सुबह एक्स्ट्रा टूशन लेते थे, यह ट्यूशन 4:00 बजे पढ़ने जाते थे। ए पी जे अब्दुल कलाम की शिक्षा ए पी जे अब्दुल कलाम बचपन से ही पढ़ने में बहुत होशियार थे। इन्हें रामेश्वरम पंचायत द्वारा प्राथमिक विद्यालय में दीक्षा का पुरस्कार मिला था। जब यह सिर्फ 5 साल के थे तो इन्होंने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ अखबार बांटने का काम भी किया था। ए पी जे अब्दुल कलाम ने 1950 में मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से अंतरिक्ष विज्ञान में स्नातक की उपाधि प्राप्त कर ली थी। इनके स्नातक खत्म होने के बाद में, इन्होंने हावर क्राफ्ट परियोजना मे काम भी किया था। इन्होंने इस काम के दौरान भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान में प्रवेश किया था। ए पी जे अब्दुल कलाम 1962 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन में आ गए थे, जहां उन्होंने सफलतापूर्वक बहुत से उपग्रह प्रक्षेपण परियोजना में बहुत भूमिका निभाई थी। यह इन परियोजना में निदेशक के रूप में कार्य करते थे और भारत के सबसे पहले स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान slv-3 के निर्माण में महत्व भूमिका निभा रहे थे। इन्होंने जुलाई 1882 में रोहिणी उपग्रह का सफलतापूर्वक परीक्षण पूरा किया था। ए पी जे अब्दुल कलाम का वैज्ञानिक जीवन ए पी जे अब्दुल कलाम 1972 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन में जुड़ गए थे और परिजनों के महानिदेशक बन गए थे। इन्होंने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन में पहला स्वदेशी उपग्रह एस एल बी 3 को बनाकर श्रय हासिल किया। 1980 मे उन्होंने रोहिणी उपग्रह को पृथ्वी तक पहुंचाने का कार्य किया। यह अपने सफलतापूर्वक परीक्षण के बाद में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष क्लब के सदस्य बन गए। इन्हें इसरो में लॉन्च व्हीकल प्रोग्राम को परवाना चढ़ाने के लिए श्रेय दिया गया था। ए पी जे अब्दुल कलाम ने लक्ष्यभेदी नियंत्रण प्रक्षेपास्त्र को डिजाइन किया था। ए पी जे अब्दुल कलाम ने पोखरण में दूसरी बार परमाणु परीक्षण करवाया था। इस तरह भारत को परमाणु परीक्षण करवा का परमाणु यंत्र प्रदान करवाने में सफलता प्राप्त की थी। अब्दुल कलाम जी ने भारत को विकास स्तर पर 2020 तक विज्ञान के क्षेत्र में एक अत्याधुनिक रूप से कार्य करने वाली सोच दी थी। ए पी जे अब्दुल कलाम भारत सरकार को वैज्ञानिक सलाहकार के तौर पर सलाह देते थे। ए पी जे अब्दुल कलाम 1992 में भारतीय रक्षा मंत्रालय के अंदर वैज्ञानिक सलाहकार के रूप में नियुक्त हुए। ए पी जे अब्दुल कलाम का राष्ट्रपति बनना ए पी जे अब्दुल कलाम भारत के राष्ट्रपति थे। इन्हें भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी दोनों का अच्छा समर्थन मिला, जिसके कारण यह 2002 में भारत के राष्ट्रपति बने। 18 जुलाई 2002 को इन्हें राष्ट्रपति बना दिया गया और 25 जुलाई 2002 को राष्ट्रपति भवन में इन्हें शपथ दिलाई गई थी। समारोह में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई और मंत्रिमंडल के सदस्य भी उपस्थित थे। इनका कार्यक्रम 25 जुलाई 2007 को समाप्त हुआ। ए पी जे अब्दुल कलाम एक सहकारी व्यक्ति थे और बेहद ही अनुशासन प्रिय व्यक्ति थे। इन्होंने अपनी जिंदगी में विंग्स ऑफ फायर किताब लिखी थी ,जो युवाओं को मार्गदर्शन प्रदान करती हैं। इन्होंने अपनी दूसरी पुस्तक गाइडिंग सोल्स डायलॉग्स ऑफ द परपज ऑफ लाइफ लिखी थी, जिसमें इन्होंने बहुत ही आध्यात्मिक विचार लिखे थे। ए पी जे अब्दुल कलाम ने तमिल भाषा में कविताएं भी लिखी थी। माना जाता है कि दक्षिण कोरिया में इनकी किताबों की बहुत मांग होती है और बहुत अधिक पसंद किया जाता है। ए पी जे अब्दुल कलाम का निधन ए पी जे अब्दुल कलाम का निधन 27 जुलाई 2015 की शाम को हुआ था। यह इस शाम को भारतीय प्रबंधन संस्थान शिलांग में रहने योग्य करेने पर एक वाक्य दे रहे थे। तब उन्हें जोरदार दिल का दौरा पड़ गया और वह बेहोश हो गए। लगभग 6:30 बजे इनकी हालत गंभीर थी और इन्हें बेथानी अस्पताल में ले जाया गया और आईसीयू में भर्ती कर दिया गया। उसके 2 घंटे के बाद में इनकी मृत्यु हो गई। अस्पताल के सी आई ओ जॉन साइलो ने बताया कि जब इन्हें अस्पताल में लाया गया था, तब इनका ब्लड प्रेशर और नब्ज दोनों साथ छोड़ चुके थे। इनके निधन से लगभग 9 घंटे पहले इन्होंने ट्वीट करके बताया था कि वह शिलांग आई आई एम मे लेक्चर के लिए जाने वाले हैं। ए पी जे अब्दुल कलाम अक्टूबर 2015 में 84 साल के हो जाते, लेकिन उससे पहले ही उनकी मृत्यु हो गयी। ए पी जे अब्दुल कलाम का अंतिम संस्कार ए पी जे अब्दुल कलाम के निधन के बाद कलाम का शरीर वायु सेना के हेलीकॉप्टर से उनके गुवाहाटी लाया गया था। यहां पर 28 जुलाई को पूर्व राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम का शरीर वायुसेना के विमान c130g हरकुलिस से दिल्ली लेकर आया गया था। लगभग 12:15 बजे तक विमान दिल्ली के पालम हवाई अड्डे पर पहुंच चुका था। सुरक्षाबलों ने सम्मान के साथ में ए पी जे अब्दुल कलाम के शरीर को सम्मान पूर्वक उतारा था। उस समय वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी और दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल और साथ ही साथ 3 सेनाओं के प्रमुख थे, जिन्होंने इसकी अगवानी की और इनके शरीर को फूल अर्पित किये। फूल अर्पित करने के बाद में ए पी जे अब्दुल कलाम का शरीर तिरंगे से लिपटा हुआ था, उन्हें एक गन कैरिज में रखकर आवास 10 राजाजी मार्ग पर ले जाया गया था। देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और बहुत से नेताओं ने ए पी जे अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि दी थी। भारत सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति के निधन को उनके सम्मान के रूप में सात दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा भी की थी। 30 July 2015 ए पी जे अब्दुल कलाम के शरीर को पूरे सम्मान के साथ में रामेश्वरम के पी करूंबु गार्डन में दफना दिया गया था। प्रधानमंत्री, तमिलनाडु के राज्यपाल और कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित 3,55,000 से भी अधिक लोग अंतिम संस्कार में आए थे। ए पी जे अब्दुल कलाम की जीवनी भारत के बहुत से युवाओ को प्रभावित करती है। ए. APJ Abdul Kalam Essay in Hindi.

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ए. पी. जे. अब्दुल कलाम पर निबंध

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If you want to write essay on Dr APJ Abdul Kalam then Career India Hindi has brought for you the draft of writing essay on Best Dr APJ Abdul Kalam. We use your comments to further improve our service. अब्दुल कलाम पर निबंध Dr. कलाम को छात्रों से बेहद लगाव था, एक अच्छे अध्यापक के रुप में वे हमेशा विद्यार्थियों की जिज्ञासा को शांत करने का प्रयास करते थे। यहां तक की अपनी जीवन के अंतिम पलों में भी IIM Shillong में स्टूडेंट्स को संबोधित कर रहे थे। वहीं विद्यार्थियों के प्रति उनके अत्याधिक प्रेम और स्नेह को देखकर संयुक्त राष्ट्र ने उनके जन्मदिवस को विद्यार्थी दिवस के रुप में भी बनाने का फैसला लिया है। उपसंहार डॉ. Avul Pakir Jainullabdeen Abdul Kalam. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के बाद कलाम जी एकमेव ऐसे राष्ट्रपति बने जिनकी किसी भी प्रकार की राजनैतिक पृष्ठभूमि नहीं थी। देश के राष्ट्रपति चुनने के बाद उन्होंने कभी इस पद का गलत इस्तमल नहीं किया। वे हमेशा ही देश के हित के बारे में सोचते रहे। यहाँ तक की जब उन्होंने अपने परिवार के ५२ सदस्यों को दिल्ली आमंत्रित किया तो उनके आठ दिन राष्ट्रपति भवन में रहने और खाने का तीन लाख बावन हजार का खर्चा उन्होंने अपने जेब से दिया था। ए. Abdul Kalam Essay In Hindi:भारत के मिसाइल मॅन और जनता के राष्ट्रपति के नाम से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध व्यक्ति डॉ.

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Essay on APJ Abdul Kalam in Hindi

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अब्दुल कलाम यकीनन डॉ. एपीजे अब्दुल अलाम आजाद ने तकनीकी एवं विज्ञान में अपना विशेष योगदान दिया, जिसके लिए उन्हें भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न समेत पदम भूषण, पदम विभूषण आदि से सम्मानित किया गया। और दुनिया में करीब 30 से ज्यादा विश्वविद्यालयों ने उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि से नवाजा। यही नहीं उनके इस महत्पूर्ण योगदान की वजह से ही साल 2002 में उन्हें भारत का राष्ट्रपति चुना गया, वे देश के पहले वैज्ञानिक और गैरराजनीतिज्ञ राष्ट्रपति थे। राष्ट्रपति के रुप में उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई देशों का दौरा किया और अपने प्रभावशाली व्याख्यानों के माध्यम से भारत के नौजवानों का मार्गदर्शन किया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उपसंहार वे भारत के ऐसे इकलौते राष्ट्रपति थे, जो राजनीति बैकग्राउंड से नहीं थे। भारत को परमाणु शक्ति से संपन्न राष्ट्र बनाने और विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में अपने महत्वपूर्ण योगदान देने की वजह से उन्होंने राष्ट्रपति के पद को सुशोभित किया। और अपने दूरगामी सोच से भारत के विकास को एक नई दिशा दी और लोगों के प्रेरणास्त्रोत बन गए। ए. आज के इस लेख में हम ए. Abdul kalam essay in Hindi के आर्टिकल में भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर अब्दुल कलम पर निबंध है। यहाँ 400 और 300 शब्द का निबंध लिखा है। आशा है ये आपके लिए मददगार होगा । ए पी जे अब्दुल कलाम पर निबंध — Abdul Kalam Essay in Hindi प्रस्तावना डॉक्टर अब्दुल कलाम भारतीय इतिहास का सितारा। एक सामान्य व्यक्ति से लेके देश के सर्वोच्च पद पे पहोचने वाला व्यक्तित्व। सामान्य घर से निकला हुआ आदमी अपनी क्षमता और महेनत के बल पर नयी उंचाईया सर कर सकता है। ये डॉक्टर कलाम में सिद्ध किया हैइसीलिए आज वै लाखो लोगो के लिए प्रेरणा स्तोत्र है। उनका देश प्रेम और देश के प्रति उनका समर्पण सदियों तक याद किया जायेगा। डॉक्टर कलाम का बचपन डॉक्टर A P J अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 में तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ था। पिता का नाम जैनुलबदीन और माता का नाम आशियम्मा था। अब्दुल कलाम का पूरा नाम — अवुल पाकिर जैनुलबदीन अब्दुल कलाम था। एक गरीब मुस्लिम परिवार में जन्मे अब्दुल कलाम ने प्राइमरी शिक्षा अपने गांव में हांसिल की थी। आगे पढ़ने के लिए और साथ में परिवार को मदद करने के लिए कलाम में अपने पिता जी के साथ लोगो के घरोमे समाचार पत्र भी बाटे थे। तिरुचिरापल्ली के सेंट जोशेफ कॉलेज में स्नातक की डिग्री हांसल की थी। और मद्रास इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी से ऐरो स्पेस इंजीनियरिंग की पढाई पूरी की थी। देश के लिए योगदान 1960 से उनकी सेवकिया कार्यो की शरुआत होती है। ये उन दिनों की बात है जब पश्चिमी देशो में वैज्ञानिको की मांग थी। जो भारत की तुलना में बहुत ज्यादा पैसे देते थे। डॉक्टर कलाम के सामने दो ऑप्शन थे एक तरफ देश सेवा और एक तरफ पैसा। डॉक्टर कलाम ने देश सेवा को पसंद किया। इतना ही नहीं पूरा जीवन देश के लिए समर्पित किया। सन 1960 में डॉक्टर कलाम ने एक वैज्ञानिक के तोर पे अपनी कारकिडी शरुआत DRDO से की थी। वैमानिक विमान प्रतिष्ठान से कारकिडी शरू करने वाले कलाम ने भारत के मशहूर वैज्ञानिक विक्रम साराभाई के अंदर में भी काम किया था। डॉक्टर कलाम ने 1969 तक वैमानिक प्रतिष्ठान संस्थान में सेवकीय कार्य किया। उस दौरान उन्होंने भारतीय सेना के लिए एक फाइटर हेलीकॉप्टर की रचना की थी। उनके काम करने की रूचि और मेहनत को देखके सन 1969 में उनका स्थानांतर ISRO में कर दिया था। ISRO में उन्हें सेटेलाइट लॉन्च व्हीकल SLV III के प्रोजेक्ट के मुख्या बनाये गए। डॉक्टर कलाम के नेतृत्व में सफलता पूर्वक SLV III में रोहिणी उपग्रह को पृथ्वी के निकट तैनात किया गया। अग्नि और पृथ्वी नाम की मिशाइल बनाने में उनकी मुख्य भूमिका रही। सन 1983 में DRDO के अध्यक्ष बनाये गए। जिसमे मिसाइल डेवलोपमेन्ट प्रोग्राम का नेतृत्व किया। 1998 में तत्कालीन वडाप्रधान अटल बिहारी वाजपई के साथ काम किया। पोखरण परमाणु का सफल परिक्षण के बाद वो देश के लिए एक हीरो से कम नहीं थे। भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए अनेक सुझाव दिए और पुस्तके लिखी। देश के सर्वोच्च पद पर डॉक्टर कलाम 130 करोड़ लोगो का देश और एक सामान्य घर से निकलकर सर्वोच्च पद तक का सफर आसान नहीं होता। डॉक्टर कलाम 25 जुलाई 2002 भारत देश के राष्ट्रपति पद के लिए चुने गए। उस वक्त के NDA गठबंधन के उमेदवार बनाये गए थे। 25 जुलाई 2007 तक भारत के 11 वै राष्ट्रपति के तोर पे उन्होंने पदभार संभाला। देश के सर्वोच्च पद पर रहने के बाद भी वो अपनी शालीनता के लिए जाने जाते रहे । राष्ट्रपति के तोर पे देशहित में कही कठिन निर्णय भी लिए, वहा कुछ निर्णय विवदास्पद भी रहे। इसमें दया याचिका पे काम करना और बिहार में राष्ट्रपति शाषण लगाना शामिल है। निवृत जीवन का उपयोग डॉक्टर कलाम राष्ट्रपति का कार्यकाल पूर्ण करने के बाद भी अपने आप को प्रवृति में कार्यरत रखा। IIM अहमदाबाद IIM इंदौर और IIM शिलोंग के विजिटर प्रोफेसर के रूप में सेवा प्रदान की। इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ स्पेस एंड साइंस बेंगलोर में मानद के रूप में काम किया। तिरुवनंत में चॅन्सेलर के रूप में काम किया। ऐरो स्पेस इंजीनियरिंग के प्रोफेसर के रूप में काम किया। इसके आलावा देश के कही अन्य संस्था ओ में अपनी सेवा दी है। जीवन की उपलब्धिया 1 — 2 — संयुक्त राष्ट्र ने उनके 79 में जन्म दिवस को विश्वछत्र दिवस के रूप में मान्यता दी थी। 3 — सन 1997 में भारत सरकार द्वारा इंदिरा गाँधी पुरष्कार से सन्मानित किया गया था। 4 — सन 2000 में, अलवरस रिसर्च सेंटर द्रारा रामानुजन पुरस्कार से सन्मानित किया गया था। 5 — ASME फाउंडेशन, USA ने कलाम हूवर मैडल से सन्मानित किया। 6 — देश का सबसे बड़े सन्मान भारत रत्न, पद्म विभूषण एवम पद्म भूषण से सन्मानित किया गया था। जीवन का अंत 27 जुलाई 2015 को IIM शिलांग में व्याख्यान दे रहे थे। करीब 6 बजकर 35 मिनट में गिर जाते है। गंभीर हालत में नजदीकी हॉस्पिटल पहोचाया जाता है। पर लगभग 2 घंटे के बाद हार्ट अटक की बजह से मृत घोषित किया जाता है। निष्कर्ष डॉक्टर कलाम के जीवन का निष्कर्ष लिखते समय मुझे गांधीजी का वाक्य याद आता है। My life is my massage — मेरा जीवन ही मेरा संदेश है। उनके जीवन से हम बहुत कुछ सिख सकते है। जीवन को किस तरह से आदर्श बनाया जाता है। आगे बढ़ने तमन्ना, कुछ विशेष करने की चाह, शादगी, जैसे उनके गुण आने वाली शादियों तक लोगो के लिए प्रेरणा दायक होंगे। APJ abdul kalam Essay in Hindi- APJ अब्दुल कलाम निबंध भारत के महान वैज्ञानिक थे। सन 1997 में उन्हें भारत रत्न का सन्मान मिला था। सन 2002 से 2007 तक वे भारत के राष्ट्रपिता रहे। उनका पूरा नाम अबुल पकिर जैलबुद्दीन अब्दुल कलाम था। वे मिसाईल मेन के नाम से प्रसिद्ध थे। दक्षिण भारत में रामेश्वर नामक एक क़स्बा है। यह भारत के प्रसिद्ध चारधामों में एक है। १५ अक्टुम्बर 1931 को उनका जन्म हुआ था। उनके परिवार की स्थिति समांन्य थी। उनके पिता नाविक थे। अब्दुल कलाम तेजस्वी विद्यार्थी थे। विद्यार्थी जीवन में उन्हें कही पुरस्कार मिले थे। अंग्रेजी गणित विज्ञानं और तमिल उनके प्रिय विषय थे। उन्होंने भौतिक शास्त्र में स्नातक तक की पढाई की। उनकी रूचि इंजीनियरिंग में थी। वे इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर बने। अब्दुल कलाम का सपना था की वो पायलट बने। पर उनकी यह इच्छा पूरी नहीं हुई। डॉक्टर कलाम ने विमान और राकेट बनाने की तकनीक शिखी उन्होंने भारत सरकार के कही संसाधनों में काम किया। तरह -तरह की मिशाइल बनाने में उन्होंने कुशलता प्राप्त की। बादमे उन्होंने पृथ्वी, आकाश अग्नि आदि मिशाइल बनाई। इसीलिए उनको मिशाइल मेन के नाम से जाना गया। मिशाइल बनाने के कारण उन्होंने शत्रु के परमाणु हमलो से भारत को मजबूत सुरक्षा प्रदान की। डॉक्टर कलाम की जीवन शैली डॉ। कलाम स्वाभाव से बहुत नम्र और सहनशील व्यक्ति थे। उनका जीवन बहुत सादा था। वे तीव्र गति से काम करने में विश्वास करते थे। वे कहते थे सपने देखो और उन्हें साकार करो। हमारे देश के सर्वोच्च पद पर वो 11 में राष्ट्रपति के तोर पर कार्यभार संभाला। 2002 से 2007 तक वो भारत देश पे राष्ट्रपति रहे। उन्होंने अपने जीवन में कही उपलब्धिया हांसिल की। भारत सरकार द्वारा भारत रत्न, पद्मविभूषण, पद्मभूषण जैसे मानक अवॉर्ड से सन्मानित किया गया। आईआईएम इंदौर बैंगलोर और शिलोंग में प्राध्यापक का रोल अदा किया। भारत की अग्नि, पृथ्वी जैसी मिसाइल बनाने में उनका योगदान रहा। 27 जुलाई 2015 को इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़। …… में व्याख्यान दे रहे थे तब , अचानक हार्ट अटक से उनका देहांत हुआ। तब उनकी आयु 83 साल थी। भारत माता को अपने इस सपूत पे गर्व है।. This Long essay on APJ Abdul Kalam is generally useful for class 5, class 6, and class 7, class 8, 9, 10. जे अब्दुल कलाम का जीवन परिचय: एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 में तमिलनाडु के रामेश्वरम् मे हुआ था। उनका जीवन काफी गरीबी और संघर्ष भरा रहा। इसके बावजूद भी उन्होंने अपनी पढ़ाई नहीं रोकी और अपने अथक प्रयास से उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की। डॉ० एपीजे अब्दुल कलाम की शिक्षा:उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने ग्राम के पाठशाला से पूरी की। 1954 में उन्होंने मद्रास टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने सेंट जोसेफ यूनिवर्सिटी से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की। डॉ० ए. जे अब्दुल कलाम भारत के पूर्व राष्ट्रपति और एक जाने-माने वैज्ञानिक थे। डॉ० एपीजे अब्दुल कलाम को भारत का मिसाइल मैन भी कहा जाता है। भारत के रक्षा अनुसंधान के क्षेत्र में उन्होंने कई प्रकार के अविष्कार किए। इनका पूरा नाम अवुल पकिर जैनुल्लाब्दीन अब्दुल कलाम था। उनके जीवनी के बारे मेंपढने से हमें उनसे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। आज की तारीख में युवाओं के लिए वह एक प्रकार का प्रेरणास्रोत है। उन्होंने अपना जीवन काफी संघर्ष में व्यतीत किया। उन्होंने कभी भी हार नहीं मानी जिसके कारण उनकी गिनती भारत के सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिकों में की जाती है। डॉ० एपीजे अब्दुल कलाम ने भारत को विकसित करने का सपना देखा था। इसके लिए उन्होंने दिन रात मेहनत की। इसरो में उनका योगदान अविस्मरणीय है जिसे देश भुला नहीं सकता है। डॉ० ए.

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Abdul Kalam Essay in Hindi

apj abdul kalam in hindi essay

अब्दुल कलाम पर निबंध — essay on apj abdul kalam in hindi 100 words प्रस्तावना वे भारत के ऐसे राष्ट्रनेता थे, जिनके ऊपर कभी किसी तरह के कलंक नहीं लगा और हर जाति,धर्म, समुदाय के लोगों के दिल में उनके लिए सम्मान की भावना थी, यही अब्दुल कलाम जी की महानता का विशिष्ट प्रमाण है। डॉ. अब्दुल कलाम एक सफल वैज्ञानिक भी रहे है और इन्होने भारत को मिसाइल की सौगात दी थी। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम कौन है? The level of this article is mid-level so, it will be helpful for small and big student and they can easily write on this topic. डॉ एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म तमिलनाडु के रामेश्वरम शहर 15 अक्टूबर वर्ष 1931 में हुआ था और इनका पूरा नाम डॉक्टर अबुल पाकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम है। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम भारत के एक ऐसे महान वैज्ञानिक थे, जिन्हें लोगों द्वारा मिसाइल मैन के नाम से जाना जाता है। यह भारत के 11वें राष्ट्रपति भी रहे हैं। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की शिक्षा डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की आर्थिक स्थिति सही नहीं थी, जिसके कारण से वह बचपन से ही अपने घर की कार्य में मदद करते थे। वह अपने घर के काम में मदद करते थे। साथ ही साथ अपनी पढ़ाई भी करते थे। उन्होंने वर्ष 1954 में ग्रेजुएशन तिरुचिरापल्ली के सेंट जोसेफ नामक कॉलेज से किया, जिसके पश्चात उन्होंने मद्रास यूनिवर्सिटी से वैमानिकी इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इन सभी के पश्चात डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम मुख्य वैज्ञानिक के रूप में डीआरडीओ में जुड़ गए। हालांकि जल्द ही डॉक्टर कलाम भारत के पहले स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपास्त्र अनुसंधान संगठन में विस्थापित हो गए। जिसके पश्चात डॉक्टर कलाम ने गाइडेड मिसाइल के विकास कार्यक्रम में मुख्य कार्यकारी के रूप में कार्य किया, जिसमें केवल मिसाइलों के कंपन का विकास शामिल था। डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम को मिसाइल मैन की उपाधि कैसे मिली? मिसाइल मैन डॉ० ए. अब्दुल कलाम पर हिंदी में लिखा निबंध Hindi Essay On Dr. APJ Abdul Kalam In Hindi लिखेंगे। ए. कलाम भारत के 11वें राष्ट्रपति निर्वाचित हुए। उन्हें भारतीय जनता पार्टी समर्थित एनडीए के घटक दलों ने अपना उम्मीदवार बनाया था। 25 जुलाई, 2002 से 25 जुलाई, 2007 तक वह भारत के राष्ट्रपति रहे। राष्ट्रपति भवन एवं महामहिम के भारी-भरकम प्रोटोकाल से बाहर निकल कर डॉ. Abdul Kalam's dedication to work and nationalist thinking always inspired the youth of the country.

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ए.पी.जे. अब्दुल कलाम पर निबंध

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Kalam made many missiles for India. Today, we are sharing Simple essay on Long essay on APJ Abdul Kalam in Hindi. . सोमा राजू के साथ कोरोनरी हृदय रोग पीड़ितों के लिए कलाम-राजू-स्टेंट विकसित करने के लिए साथ आए। कलाम लड़ाकू विमान उड़ाने वाले पहले भारतीय राष्ट्राध्यक्ष थे और इसके अलावा उन्होंने भारत का पहला स्वदेशी हॉवरक्राफ्ट 'नंदी' को डिजाइन किया। सच्चे दिल से देश की सेवा की सेवा करने के कारण उन्हें "जनता का राष्ट्रपति" कहा जाने लगा। कलाम ने "इंडिया 2020," "इग्नाइटेड माइंड्स," "मिशन इंडिया," "द ल्यूमिनस स्पार्क्स," "इंस्पायरिंग थॉट्स," सहित कई किताबें लिखीं। कलाम को उनकी सेवाओं और योगदान के लिए रामानुजन पुरस्कार, इंदिरा गांधी पुरस्कार, वीर सावरकर पुरस्कार, पद्म विभूषण और कई अन्य पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। apj abdul kalam par nibandh के जरिए आपको एपीजे अब्दुल कलाम पर हिंदी निबंध apj abdul kalam essay in hindi तैयार करने के लिए पर्याप्त सामग्री प्रदान की गई है। इसकी मदद से प्रभावी apj abdul kalam nibandh लिखकर परीक्षा में बेहतर अंक लाने के लिए अग्रिम शुभकामनाएं।. APJ Abdul Kalam was awarded the Bharat Ratna for his achievements. एपीजे अब्दुल कलाम निबंध dr apj abdul kalam nibandh कलाम ने रामेश्वरम प्राथमिक विद्यालय और श्वार्ट्ज हायर सेकंडरी से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। कलाम की गणित में गहरी रुचि थी। उन्होंने मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में प्रवेश लिया, जहां 1955 में स्नातक होने के बाद, उन्होंने भौतिकी और वैमानिकी इंजीनियरिंग का अध्ययन किया। स्नातक तीसरे वर्ष में, एपीजे अब्दुल कलाम को अपने समूह के छात्रों के साथ एक हवाई जहाज बनाने का प्रोजेक्ट पूरा करना था। बेहद कम समय मिलने के बाद भी उन्होंने समय पर काम पूरा किया और अपनी मौलिकता से सभी को चकित कर दिया। कलाम बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। बाद में उन्होंने एक वैज्ञानिक, लेखक, इंजीनियर, व्याख्याता और एक राजनीतिज्ञ के रूप में सफलता हासिल की। डीआरडीओ में कलाम का काम- एपीजे अब्दुल कलाम हिंदी लेख apj abdul kalam hindi essay उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद, कलाम एक वैज्ञानिक के रूप में DRDO रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन के वैमानिकी विकास प्रतिष्ठान से जुड़ गए और 1960 के दशक की शुरुआत में, प्रसिद्ध अंतरिक्ष वैज्ञानिक विक्रम साराभाई के अधीन भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान समिति INCOSPAR के साथ काम किया। वर्ष 1998 में किए गए परमाणु परीक्षण कार्यक्रम "पोखरण 2" में एपीजे अब्दुल कलाम ने महत्वपूर्ण निभाई। पोखरण दो को भारत का दूसरा मौलिक परमाणु परीक्षण माना जाता है। कलाम राष्ट्रपति के रूप में- एपीजे अब्दुल कलाम पर निबंध dr apj abdul kalam essay in hindi वर्ष 2002 में, एपीजे अब्दुल कलाम को भारत का 11वां राष्ट्रपति चुना गया। सेना और राष्ट्र ने उनके मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण मील के पत्थर हासिल किए, जिससे देश को बहुत लाभ हुआ। 90 के दशक की शुरुआत में कलाम ने हृदय रोग विशेषज्ञ बी. Abdul Kalam Essay In Hindi उनकी ईमानदारी और कर्मठता उनकी सच्ची पहचान हैं। जमीन से उठकर आसमान की ऊंचाइयों तक पहुँचाने उकनी कहानी किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं हैं। कलाम जी का बचपन और शिक्षा तमिलनाडु के रामेश्वरम में १५ अक्टूबर १९३१ को कलाम जी का जन्म हुआ। उनका पूरा नाम डॉक्टर अबूर पाकिर जैनुल्लाब्दिन अब्दुल कलाम APJ Abdul Kalam Essay in Hindi था। कलाम जी अपने घर में उनके पाँच भाई और पाँच बहनों के साथ रहते जो एक संयुक्त परिवार का हिस्सा थे। परिवार में सबसे छोटे होने के कारण उन्हे परिवार के सभी सदस्यों का प्यार मिलता। उनके पिता का मछुवारों को नाव किराये पर देने का व्यवसाय था जिससे कुछ खास आमदनी नहीं हो पाती थी। छोटी-बड़ी मुश्किलों से जूझते उनके परिवार की परिस्थिति की वजह से बचपन में ही उन्हे अपनी जिम्मेदारी का एहसास हुआ था। भारत के गाँव में उस वक्त बिजली की उपलब्धता नहीं होने के कारण तब तेल और केरोसिन के दीपक का इस्तमल रात में उजाला करने के लिए किया जाता। उन्ही दीपक की रोशनी में उन्होंने अपनी पढ़ाई की। आत्मनिर्भरता की ओर उनके कदम बचपन से ही चल पड़े थे। मदरसे में उनकी पढ़ाई पूरी कर वे रामेश्वरम के बस अड्डों तथा रेलवे स्टेशन पर अखबार लेकर उसका वितरण शहर की सड़कों और गलियों में करते। एरोनोटिकल इंजीनियरिंग मे अपना अध्ययन उन्होंने मद्रास में मद्रास इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी से पूरा किया। इसके लिए उन्हे उनके पाँचवी कक्षा के अध्यापक सुभ्रमन्यम अय्यर से प्रेरना मिली। उन्ही से मिली प्रेरणा और शिक्षा के बदौलत कलाम जी APJ Abdul Kalam Essay in Hindi को अपने जीवन का उद्देश प्राप्त करने का हौसला मिला। १९५० में मद्रास इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी में अपनी एरोनोटिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान में प्रवेश लिया जहाँ पर उन्होंने हॉवेरक्राफ्ट परियोजना पर काम किया। १९६२ में उन्होंने इसरो में काम करना शुरू किया जहाँ पर उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। इसे भी पढ़े: ए.


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A.P.J. Abdul Kalam Essay In Hindi

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APJ Abdul Kalam In Hindi आप अपने स्कूल या फिर कॉलेज प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल कर सकते है। आपको हमारे इस वेबसाइट पर और भी कही विषयो पर हिंदी में निबंध मिलेंगे, जिन्हे आप पढ़ सकते है। ए. भारत के अनमोल रत्न — डॉ. APJ Abdul Kalam Essay In Hindi 2022: दुनियाकेमहानवैज्ञानिकोंमेंसेएकडॉएपीजेअब्दुलकलामकीजयंतीमनाईजारहीहै।अब्दुलकलामकापूरानामडॉअवुलपाकिरजैनुल्लाब्दीनअब्दुलकलामथा।अब्दुलकलामकाजन्म 15 अक्टूबर 1931 कोतमिलनाडुकेरामेश्वरम्मेंहुआथा।इनकेपिताकानामजैनुल्लाब्दीनऔरमाताकानामआशियम्माथा।भारतके 11वेंराष्ट्रपतिरहेएपीजेअब्दुलकलामकानिधन 27 जुलाई 2015 कोकार्डियकअरेस्टकेकारणहुआ।अब्दुलकलामनेविज्ञानकेक्षेत्रमेंअतुलनीययोगदानदिया।अग्निऔरपृथ्वीमिसाइलोंकेनिर्माणमेंमददकी, जिसकीवजहसेअब्दुलकलामकोमिसाइलमैनकेनामसेजानेजातेहै।भारतीयअंतरिक्षअनुसंधानसंगठनइसरोऔरभारतकोपरमाणुशक्तिबनानेमेंमेंउनकीमहत्वपूर्णभागीदारीरहीहै।डॉएपीजेअब्दुलकलामकीउपलब्धियोंकेलिएउन्हेंभारतरत्नसेसम्मानितकियागया।यदिआपकोडॉएपीजेअब्दुलकलामपरनिबंधलिखनाहैतोकरियरइंडियाहिंदीआपकेलिएबेस्टडॉएपीजेअब्दुलकलामपरनिबंधलिखनेकाड्राफ्टलेकरआयाहै।जिसकीमददसेआपआसानीसेडॉएपीजेअब्दुलकलामपरनिबंधलिखसकतेहैं। डॉएपीजेअब्दुलकलामपरनिबंध Essay On APJ Abdul Kalam एपीजेअब्दुलकलामकापूरानामअवुलपकिरजैनुलाब्दीनअब्दुलकलामहै।अब्दुलकलामकाजन्म 15 अक्तूबर 1931 कोरामेश्वरममेंहुआ।कलामनेभारतकेलिएकईमिसाइलेंबनाई।डॉएपीजेअब्दुलकलामनेभारतकेलिएअग्निऔरपृथ्वीजैसीविभिन्नमिसाइलोंकानिर्माणकिया, इसलिएउन्हेंमिसाइलमैनकहाजाताहै।अब्दुलकलामजीहमेशाअपनीसादगीऔरअनुशासनकेलिएजानेजातेहैं।अब्दुलकलामकाकामकेप्रतिसमर्पणऔरराष्ट्रवादीसोचकेलिएहमेशादेशकेयुवाओंकोप्रेरितकरतेरहे। एपीजेअब्दुलकलामकाजन्मतमिलनाडुकेरामेश्वरममेंहुआथा।उससमयउनकेपरिवारकीआर्थिकस्थितिखराबथीइसलिएकमउम्रसेहीउन्होंनेअपनेपरिवारकाआर्थिकरूपसेसमर्थनकरनाशुरूकरदियाथा।लेकिनउन्होंनेकभीपढ़ाईनहींछोड़ी।अपनेपरिवारकासमर्थनकरनेकेसाथ-साथउन्होंनेअपनीपढ़ाईजारीरखीऔरस्नातककीपढ़ाईपूरीकी।वह 1998 मेंकिएगएपोखरणपरमाणुपरीक्षणकेसदस्यभीथे।देशकेलिएडॉएपीजेअब्दुलकलामकाअनगिनतयोगदानहै, लेकिनवहअपनेसबसेबड़ेयोगदानकेलिएसबसेप्रसिद्धथेजोकिअग्निऔरपृथ्वीनामसेमिसाइलोंकाविकासहै। महानमिसाइलमैन 2002 मेंभारतकेराष्ट्रपतिबने।उनकीअध्यक्षताअवधिकेदौरान, सेनाऔरदेशनेकईइतिहासरचे, कलामनेराष्ट्रकेलिएबहुतयोगदानदिया।उन्होंनेखुलेदिलसेदेशकीसेवाकी।अपनेकार्यकालकेअंतमेंराष्ट्रपतिकार्यालयछोड़नेकेबादडॉएपीजेअब्दुलकलामनेफिरसेछात्रोंकोपढ़ानाशुरूकिया।उन्होंनेदेशभरमेंस्थितभारतकेकईप्रसिद्धऔरप्रतिष्ठितसंस्थानोंकेलिएकामकिया।उन्होंनेअपनेएकसन्देशमेंकहाथाकिउनकेअनुसारदेशकेयुवाबहुतप्रतिभाशालीहैं, लेकिनउन्हेंअपनीयोग्यतासाबितकरनेकेलिएअवसरचाहिए। अपनेजीवनकालकेदौरानडॉएपीजेअब्दुलकलामकोनकेवलभारतीयसंगठनऔरसमितियोंद्वाराबल्किकईअंतरराष्ट्रीयसंगठनोंऔरसमितियोंद्वाराभीसम्मानितकियागयाथा।डॉएपीजेअब्दुलकलामनेअपनेजीवनकालमेंकईकिताबेंलिखींलेकिनउनकीसबसेउल्लेखनीयकृति 'इंडिया 2020' थी, जिसमेंभारतकोएकमहाशक्तिबनानेकीकार्ययोजनाशामिलथी।डॉएपीजेअब्दुलकलामसादगीऔरसत्यनिष्ठाकेव्यक्तिथे।वहकाममेंइतनाव्यस्तरहतेथेकिवहसुबहजल्दीउठतेऔरआधीराततककामकरतेथे। APJ Abdul Kalam Essay In Hindi 2022: The birth anniversary of Dr APJ Abdul Kalam, one of the great scientists of the world, is being celebrated. अब्दुल कलाम पर लिखा हुआ यह निबंध Essay On Dr. Abdul Kalam was born on 15 October 1931 in Rameswaram, Tamil Nadu. Abdul Kalam's full name was Dr. कलाम ने भारत के गौरव को बढ़ाया, वहीं भारत के राष्ट्रपति के रूप में उनका कार्यकाल सराहनीय रहा। वर्ष 2002 में डॉ.

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ए. पी. जे. अब्दुल कलाम पर निबंध (Dr. APJ Abdul Kalam Essay In Hindi)

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APJ Abdul Kalam आपको पसंद आया होगा। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा है, तो इस लेख को सभी के साथ शेयर करे। Sharing is caring! जे अब्दुल कलाम आज भले ही इस दुनिया में नहीं है लेकिन उनकी विचारधारा और राष्ट्र के निर्माण में उन्होंने जिस प्रकार का योगदान दिया देश हमेशा उनको याद रखेगा। हम सबको डॉ० ए. वरदराजन के साथ मिलकर सफलतापूर्वक अल्ट्रासोनिक लक्षभेदी विमान का डिजाइन पूरा किया। स्वदेशी हॉवेरक्राफ्ट का डिजाइन और विकास करने के लिए बनाई गयी टीम का नेतृत्व उन्होंने किया। साथ में उन्होंने अपने जीवन के तीन साल उड़ान में इंजीनियरिंग मॉडेल शुरू करके लिए दिए थे। DRDO में अपने करियर की सफलतापूर्वक शुरुवात करने के बाद कलाम जी ने APJ Abdul Kalam Essay in Hindi १९६२ में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ISRO से रॉकेट इंजीनियर के रूप में जुड़े। इसरो में उन्होंने करीब बीस साल तक काम किया। भारत का पहला स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपास्त्र एस. You can also visit my YouTube channel which is Facebook at. We hope you have got some learning about APJ Abdul Kalam. और वे जमीन पर गिरकर बेहोश हो गए डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को समीप के ही वेधानी अस्पताल में 6:30 पर भर्ती कराया गया। किंतु 2 घंटे बाद डॉक्टरों ने उनकी मृत्यु की पुष्टि कर दी। उस समय डॉक्टर कलाम की आयु 84 वर्ष हो चुकी थी। डॉ कलाम अपने अंतिम पड़ाव पर भी शिक्षा तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण का भाषण देते देते अपना पार्थिव शरीर छोड़ गए। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के पार्थिव शरीर को शिलांग से गुवाहाटी और गुवाहाटी से दिल्ली लाया गया। जहाँ पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी तथा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित सेनाओं के तीनों प्रमुख ने उन्हें पुष्पमाला अर्पित किए। उसके बाद उनके पार्थिक शरीर को राजाजी राजमार्ग पर लाया गया जहाँ पर सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह तथा अखिलेश यादव सहित कई तमाम छोटे-बड़े नेताओं ने मिलकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को 30 जुलाई 2015 को रामेश्वरम के कुरंबू ग्राउंड में दफना दिया गया। जहाँ पर प्रधानमंत्री मोदी कर्नाटक केरल के मुख्यमंत्रियों सहित कई नेता तथा लगभग 350000 से अधिक लोग थे। इसे भी पढ़े: एपीजे अब्दुल कलाम को पुरस्कार और सम्मान award of Dr APJ Abdul Kalam एपीजे अब्दुल कलाम ने शिक्षा विज्ञान तथा राजनीति के क्षेत्र में अपना अमूल्य योगदान दिया है जिसके लिए उन्हें विभिन्न प्रकार के पुरस्कारों से विभूषित किया है जिनमें से कुछ निम्न प्रकार हैं। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की उपलब्धियों के लिए भारत सरकार के द्वारा डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को भारत के सर्वोच्च सम्मान पदम भूषण 1981 पदम विभूषण 1990 तथा भारत रत्न 1997 में प्रदान किया गया। इसके साथ ही इन्हें विज्ञान और शिक्षा के विभिन्न पुरस्कार से भी नवाजा गया है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय पुरस्कार 1997 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के द्वारा वीर सावरकर पुरस्कार 1998 भारत सरकार के द्वारा रामानुजन पुरस्कार 2002 अलवार्स शोध संस्थान चेन्नई के द्वारा किंग्स चार्ल्स II मेडल 2007 रॉयल सोसाइटी यूनाइटेड किंगडम के द्वारा। डॉक्टर ऑफ साइंस 2008 अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के द्वारा.

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